
8 सितंबर 1933 को महाराष्ट्र के सांगली में जन्मीं मशहूर सिंगर आशा भोसले का कल दोपहर 12 बजे निधन हो गया. उन्होंने मुंबई के क्रैंडी बीच हॉस्पिटल में अंतिम साँस ली. कार्डिएक अरेस्ट के कारण शनिवार को अस्पताल में भर्ती कराया गया था. उनका अंतिम संस्कार आज 4 बजे मुंबई के शिवाजी पार्क में किया जाएगा. उनके जाने से संगीत की दुनिया में एक ऐसा सन्नाटा छा गया है, जिसे भर पाना बेहद मुश्किल होगा.
हिंदी समेत अन्य कई भाषाओं में गाये गानें :
आशा भोसले ने अपने करियर में अपनी अनोखी आवाज़ से करोड़ों दिलों पर राज किया. हिंदी के साथ-साथ उन्होंने मराठी, बंगाली, गुजराती, पंजाबी, तमिल सहित अन्य भाषाओं में अपनी आवाज़ का जादू बिखेरा. यहीं यदि हम इनके ग़ज़लों की बात करें तो ‘दिल चीज़ क्या है’ और ‘इन आँखों की मस्ती के’ (Umrao Jaan) अपने संगीत प्रेमियों को अपना दीवाना बना दिया.
पद्म विभूषण से किया गया सम्मानित :
आशा भोसले को संगीत जगत में उनके योगदान के लिए कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित किया गया. उन्हें सन् 2000 में ‘दादा साहेब फाल्के’ पुरस्कार और हम 2008 में ‘पद्म विभूषण’ से सम्मानित किया गया. उनकी आवाज़ में हर तरह के गीत रोमांटिक, ग़ज़ल और पॉप की अद्भुत झलक मिलती है.
संगीत जगत में शोक की लहर :
आशा भोसले के निधन की खबर सुनते ही फिल्म और संगीत जगत में शोक की लहर दौड़ गई. कई बड़े कलाकारों और नेताओं ने सोशल मीडिया पर श्रद्धांजलि दी और उनके योगदान को याद किया है. उनके गानों के दीवाने उन्हें हमेशा याद रखेंगे.

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