उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के फूलों की महक विदेशों तक फैली हुई है. दरअसल लखनऊ के बख्शी का तालाब इलाके में आता है हरदौलपुर गाँव. इसी गाँव में स्थित है लगभग तीन एकड़ में फैला जूही सिंह के फूलों का एक बगीचा. फूलों के इसी बगीचे में उगते हैं तरह-तरह के फूल. लखनऊ के इन्हीं फूलों की महक विदेशों तक फ़ैल रही है.
कई तरह के फूल हैं मौजूद :
जूही सिंह के फूलों का यह बगीचा बिल्कुल प्रकृति के गोद में स्थित है. इस बगीचे के हरे- भरे होने के कारण यहाँ का वातावरण बिल्कुल खुशनुमा होता है. यहीं आपको यह भी बताते चलें कि इस बगीचे में आपको सभी तरह के फूलों की वेराइटीज मिल जाएगी. इसके साथ ही साथ इंडोर और आउटडोर में लगने वाले सभी प्रकार के पौधे मिल जाएंगे. इसमें गेंदा के फूल, लिलियम, जरबरा, गुलाब, गुलदावरी, मनी प्लांट आदि तरह के फूलों की प्रजातियां शामिल हैं. इन पौधों को यहाँ उचित देखरेख में रखा जाता है. इसके लिए बाकायदा रूटिंग रूम भी बनाया गया है. जहाँ पर एक निश्चित तापमान पर बीजों से पौधों को अंकुरित किया जाता है.
संघर्ष से सफलता तक का सफ़र :
जूही सिंह बताती हैं कि इस बगीचे को खूबसूरत बनाने में उन्हें बहुत मेहनत करनी पड़ी. तब जाके कहीं सफलता मिली. जूही सिंह अपनी बातचीत में बताती हैं कि लिलियम को कीड़ों से बचाने के लिए उन्होंने स्वयं रातभर जागकर पौधों की निगरानी करी है.
महिला सशक्तिकरण का उत्कृष्ट उदाहरण :
वर्तमान समय में महिलायें केवल घर के ही कार्यों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि घर की आर्थिक मजबूती में भी अपना बखूबी सहयोग कर रही हैं. जूही सिंह इसका एक जीवंत उदाहरण हैं. यह परिश्रम, आत्मनिर्भरता और महिला सशक्तिकरण का एक जीवंत उदाहरण है.

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