छात्र राजनीति से राष्ट्रीय पहचान तक का सफर :
विनय कटियार ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत छात्र संगठन ABVP से की थी. इसके बाद उन्होंने धीरे-धीरे राष्ट्रीय राजनीति में अपनी मजबूत पहचान बनाई. यह पहचान और भी मज़बूत तब हो गई जब वह राम मंदिर आंदोलन से जुड़ गए.
क्यों बना बजरंग दल :
कटियार ने बताया कि 1984 में बजरंग दल की स्थापना का मुख्य उद्देश्य हिंदुत्व विचारधारा का प्रसार और समाज को संगठित करना था. उनका कहना है कि संगठन का मकसद समाज को एक दिशा देना और लोगों को जोड़ना था.
40 साल बाद संगठन की सफलता को कितना नंबर देते हैं :
40 साल बाद बजरंग दल की सफलता को आप कितना नंबर देते हैं, इस सवाल पर उन्होंने सीधा जवाब देने के बजाय अयोध्या आने का सुझाव दिया. उन्होंने संकेत दिया कि संगठन के काम को जमीन पर देखकर बेहतर समझा जा सकता है. इसका बेहतर जवाब अयोध्या आने पर ही मिलेगा.
कपल्स को डरने की कोई ज़रूरत नहीं :
वैलेंटाइन डे पर बजरंग दल पर अक्सर लगाए जाने वाले आरोपों, खासकर कपल्स को डराने के मुद्दे को कटियार ने सिरे से ख़ारिज कर दिया. उन्होंने कहा कि किसी को भी डरने की जरूरत नहीं है। इसके साथ ही विनय कटियार ने कहा कि वैलेंटाइन डे विवाद की सच्चाई इससे अलग है. विनय कटियार ने आगे बताया कि बजरंग दल एक सकारात्मक सामाजिक संगठन के रूप में अपने मूल उद्देश्यों पर काम कर रहा है.

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